माझंही एक स्वप्न होतं - majhahi ek swapna hota

माझंही एक स्वप्न होतं- वर्गीस कुरियन

"अमूल" हे भारतात सर्वदूरख्यातनाम असं नाव. पावभाजी बरोबरच्या बटरला समानार्थी शब्द म्हणजे "अमूल". अमूलचे वेगवेगळी दुग्धजन्य पदार्थ बाजारात लोकप्रिय आहे. त्याचप्रमाणे अमूल ने शेतकऱ्यांना, खेडूतांना एकत्र आणून रोजगार निर्मिती केली हेही तितकंच महत्त्वपूर्ण आहे.

हे पुस्तक "अमूल" च्या जन्माची आणि वाढीची कथा आहे. सरकारी पातळीवरची आस्था-अनास्था, परदेशी कंपन्याची स्पर्धा, नवीन तंत्रज्ञान निर्मितीचं आव्हान अशा नागमोडी वाटेवर प्रवास करत अमूल कशी नावारुपाला आली याची ही कथा.

अतिशय प्रेरणादायी चरित्र.
तुम्ही जर बरोबर असाल तर संघर्ष करण्याची तयारी ठेवा यश मिळेल हे बिंबवणारे चरित्र.

----------------------------------------------------------------------------------
मी दिलेली पुस्तक श्रेणी  :- आवा ( आवर्जून वाचा )
----------------------------------------------------------------------------------



----------------------------------------------------------------------------------
आवा ( आवर्जून वाचा )
जवा ( जमल्यास वाचा )
वाठीनावाठी ( वाचलं तर ठीक नाही वाचलं तरी ठीक )
ना
वाठी ( नाही वाचलं तरी ठीक  )
----------------------------------------------------------------------------------

No comments:

Post a Comment

ऋणानुबंध पूर्वेचा (Runanubandh Purvecha)

पुस्तक - ऋणानुबंध पूर्वेचा (Runanubandh Purvecha) लेखिका - सुजाता गोखले (Sujata Gokhale) भाषा - मराठी (Marathi) पाने - १४२ प्रकाशन - डॉ. स्म...